Lesson – 1 (एक पारिडय)
े ् ि ु ट च त क
ो े ् ि ु प ु ट च त क र क
Lesson – 2 (एक पारिडय)
कुक चुप चिक टिकटिक
कटकट चटक चोट
कोट चक तोप चोकर रोककर
चककर चोर को पटको टककर
Lesson
– 3 (एक पारिडय)
ओ
ए अ इ उ फ उ ए ठ छ थ ख ऱ ख ठ
Lesson
– 4 (एक पारिडय)
ठोकर छतपर ओर छोर एक छतकपुर
चक्कर करो फिर
छपकर कच्छ खेत तरफ
कोर उचित कछुए
रखते कि अति अखिर
कतरे टिकटिक रुप
पिछे
कि कोइ तकि
फिर फुटकर
Lesson
- 5 (एक पारिडय)
ौ ै ा ी ू
ब ु ो ़ ड ज द ग ह क ट
Lesson -
6 (एक पारिडय)
जहाज
जाता है फिर भी कहा कहा तक जाता है दूरदूर तक जाता है एक दो घट तक जाते है दोपहर को
अदरक खा करबट भटककर टकरता है ढाककर आता
है दादी दौड़ती भागती है फिर कहा जाती हो पानी झरकर गिरता है
Lesson -
7 (एक पारिडय)
औ ऐ आ ई ऊ भ उ ए ञ ढ झ ध घ ङ क ट
Lesson-
8 (एक पारिडय)
औरत
ओझा छतरपुर ढककर आओ घड़ी पकडो किताब पढ़ो
खीरा कभी बेकर कबूतर
भीतर धीरेधीरे जाओ
Lesson - 9 (एक पारिडय)
ं म न व ु े य . , स ल क ट
Lesson
- 10 (एक पारिडय)
मानस
नल चला,
मनु
खाना खा,
नवयुवरक
को ठोकर लगी , नवल पढ़ाई कर, याद
करो वो समय,यदि
हम खाना खा सकते है मोहन तोता लाया, उसने
तोता को खाने के लिए अमरुद दिया,पढ़ाई करो भाई, खाना
ढाककर रखा करो
Lesson
- 11 (एक पारिडय)
ँ ण ऩ ऴ उ ए य़ । ष श ळ ख ठ
Lesson
- 12 (एक पारिडय)
मानस सामने देखकर चलो , आशीष मेला चला गया , मेले में काफी पी । आषीष के साथ फहीम और नहीम मेले मे गये । वहाँ पर मेले मे
खीर खायी और चाट भी खायी । माँ ने कहाँ नल
में पानी आ गया है । चलो पानी भरो ।
Lesson
- 13 (एक पारिडय)
1 2 3 5 6 ु े ॉ ृ - 0 9 8 7 क ट
Lesson
– 14 (एक पारिडय)
कृपा बृज मनमोहन भरोसा घनघोर 136 – 535 , ,120 , ,691
Lesson
– 15 (एक पारिडय)
ऍ ॅ ्र र् ज्ञ त्र उ ए ऑ ऋ
ः ) ( श्र क्ष ख ठ
Lesson -
16 (एक पारिडय)
पुरूषों
की दौड़ 500 मीटर का आज फाइनल होगा । क्षत्रिय शिव जी के मंदिर गया ।पुरूषों कि ऊँची
कूँद रात को ( 9:30 से ) आज फाइनल होगा । ऋषभदेव और क्षत्रिय जंगल में गये,वहाँ पर देखा की शिव जी का मंदिर हैं
और मंदिर में त्रिशूल चढ़ाया । और पूजा की बोले हे प्रभु हमे ज्ञान दे हर रोज
हम गणेश जी की पूजा करते है । हे प्रभु हमें छामा करो । लोग धर्मिक और सर्वश्रेष्ट
होते है ।
Lesson -
17
(एक पारिडय)
कुबेर भी अगर आय से ज्यादा व्यय
करे, तो कंगाल हो जाता है। संसार में
न कोई तुम्हारा मित्र है न शत्रु। तुम्हारा अपना विचार ही, इसके
लिए उत्तरदायी है। भगवान मूर्तियों में नहीं है। आपकी अनुभूति
आपका ईश्वर है, आत्मा आपका मंदिर है। इस बात को व्यक्त मत होने दीजिए कि आपने क्या करने के लिए सोचा है,
बुद्धिमानी से इसे रहस्य बनाये रखिये और इस काम को करने के लिए दृढ रहिए। शिक्षा सबसे अच्छी मित्र है.
Lesson -
18
(एक पारिडय)
एक शिक्षित व्यक्ति हर जगह सम्मान पता है। संसार एक कड़वा वृक्ष है,
इसके दो फल ही अमृत जैसे मीठे होते हैं- एक मधुर वाणी और दूसरी सज्जनों
की संगति। व्यक्ति अकेले पैदा होता है और अकेले मर जाता है। वो अपने अच्छे और बुरे
कर्मों का फल खुद ही भुगतता है। वह अकेले ही नर्क या स्वर्ग जाता है। एक बार काम शुरू कर लें तो असफलता का डर नहीं रखें और न ही काम को छोड़ें।
निष्ठा से काम करने वाले ही सबसे सुखी हैं
Lesson -
19
(एक पारिडय)
“संसार एक कड़वा वृक्ष है, इसके दो फल ही
अमृत जैसे मीठे होते हैं एक मधुर वाणी और दूसरी सज्जनों की संगति।” जिंदगी का आईना अक्सर वो बातें दिखाता
है जो असल में नहीं होतीं। हम भी उन चीजों को देखने के आदी नहीं होते जो हमें नजरिया
बदलने से पहले मुश्किल से ही दिखाई देती हैं। व्यक्ति अकेले पैदा होता है और अकेले मर जाता है। वो अपने अच्छे और बुरे कर्मों
का फल खुद ही भुगतता है। वह अकेले ही नर्क या स्वर्ग जाता है।
Lesson - 20 (एक पारिडय)
1. श्रीमाम जी
कृपा
आप
यहाँ
आइये
। 2. कृपय कक्षा
में
अपना
मोबइल
फोन
बन्द
रखिये।
3. अमीत ने
महेश
को
पुस्तकें
दी
। 4. मेरे
मना
करने
पर
भी
तुम
वहाँ
घूमनें
गये।
5. राकेश ने
महेश
से
कहा
तुम
मेरे
साथकानपुर
चलो। 6.
मन्दिर
में
पूजा-पाठ
होतीहै।
7. शिक्षा अनमोल
होती
है। 8. हमें नशा
नहीं
करना
चाहिये।
9. अच्छी संगत
करो
इसी
में
भलाई
है। 10. संतो
के
उपदेश
से
ज्ञान
प्राप्त
होता
है।
11. तुम आज
कोचिंगपढ़ने
क्यों
नहीं
आये। 12. हम सभी
का
यथोचित
सम्मान
करना
चाहिये।
13. दूसरो के
साथ
वो
व्यवहार
कतई
नहीं
करना
चाहिये
जो
स्वयं
अपने
को
पसन्द
न
हो।
न्न=
न+्+न ट्ठ
= ट+्+ठ ट्ट=
ट+्+ट रु=
र+्+
ु रू=
र+ू द्य=द
+्+य
द्व=द
+्+व द्ध=
द+्+ध फ्= फ+् ट्र= ट+सिफ्ट+ य्= य+् ह्र = ह+्+र
स्त्र= स+्+त्र प्र= प+सिफ्ट+3 त्र = सिफ्ट+6 हृ = ह के बाद बिना सिफ्ट प्लस बटन दबाए
(स्थिति = स+्+थ+ ि+त+ि (गर्ल्स )=ग+सिफ्ट +4+ल+्+स (महत्व )= म ह त ् व
(शक्ति )= श क ् त ि (व्यक्ति )= व ् य क त ि (प्रसिद्ध)=प सिफ्ट+3
स ि द ् ध
(कार्तिक)= का सिफ्ट+4+ि +क (कर्म)=क सिफ्ट+4
म
(प्रिन्सिपल)=प सिफ्ट+3
ि न ् स ि प ल
(राष्ट्र)= र ा ष ् ट सिफ्ट
+ 3
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